आपकी कमी
आपके न होने की कमी है जैसे कि ,
अंधेरी रातों में बुझी मोमबत्ती की तरह।
रोशनी है जिसकी इतनी कि -
चारों ओर उजाला ही उजाला कर दे।
पर मजबुर है वो भी इतना कि-
पहले तो उसे चिंगारी सहारा कर दें ।।
है इंतजार मे उसके जो प्यारा है,
बीन उनके ऐ जिन्दगी आवारा है।
महत्व है इसे जबतक उसका सहारा है।।
बीन प्रकाश अंधेरे में कुचला जाएगा,
चाह कर भी ऐ कुछ न कर पाएगा ।
सहेगा कितना , बेखबर हो जाएगा ।।
भाव है तेरे साथ होने से जाने जग सारा,
तु न हो साथ तो जिंदगी है आवारा।
जैसे मोमबत्ती को चीराग का है सहारा।।
अमित कुमार वंशी
😊 👍Good
जवाब देंहटाएंVery said poem
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